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क्या गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन करना चाहिए, डॉक्टर से जानिए इससे प्रेगनेंसी और बच्चे पर क्या असर हो सकता है

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Apr 10, 2026 07:09 am IST,  Updated : Apr 10, 2026 07:09 am IST

Side Effects Of Alcohol In Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान शराब पीनी चाहिए या नहीं, जानिए इससे बच्चे के विकास पर क्या असर पड़ता है। प्रेगनेंसी में ड्रिंक करना मां और शिशु के लिए कैसा है?

प्रेगनेंसी में शराब पीना- India TV Hindi
प्रेगनेंसी में शराब पीना Image Source : FREEPIK

शराब पीने के मामले में महिलाएं भी पुरुषों से कम नहीं है। हालांकि जो महिलाएं प्रेगनेंसी का प्लान कर रही हैं उन्हें शराब पीने से मना किया जाता है। डॉक्टर्स फैमिली प्लानिंग के दौरान भी महिला और पुरुष दोनों को शराब, सिगरेट के सेवन से बचने की सलाह देते हैं। वहीं कुछ महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भी शराब का सेवन कर लेती हैं। जो बच्चे की सेहत के लिए ठीक नहीं है। आयुर्वेद और एलोपैथी दोनों ही चिकित्सा पद्धति इसके खिलाफ हैं। क्योंकि गर्भावस्था में मां के हर आचरण, व्यवहार और खान पान का असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। ऐसे में महिलाओं को यह सलाह दी जाती है कि पौष्टिक आहार का सेवन करें। इस दौरान मांस, मदिरा और धूम्रपान से परहेज करें। डॉक्टर्स यह सलाह देते हैं कि गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। आइये जानते हैं इससे क्या नुकसान होते हैं?

प्रेगनेंसी में शराब पीना कितना हानिकारक है?

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से शराब का प्रभाव- आयुर्वेद में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष आहार विहार बताया गया है, जिसको अपनाकर वह स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है। गर्भवती महिला के शरीर में वात-पित्त और कफ का संतुलन होना बहुत जरूरी है लेकिन शराब पीने से शरीर में पित्त दोष का प्रकोप बढ़ सकता है। इससे आपकी ऊर्जा खत्म होने लगती है और बच्चे पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। इस दौरान बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए ओज का संतुलन बहुत जरूरी है। शराब के सेवन से ओज कमजोर होता है और बच्चे का सही रूप से विकास नहीं हो पाता है। 

बच्चे पर शराब के दुष्प्रभाव- आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा के अनुसार शराब के सेवन से गर्भ में पल रहे शिशु को अच्छे से पोषण नहीं मिल पाता है और उसका विकास ठीक तरीके से नहीं हो पाता है। इससे बच्चे की लंबाई कम रह जाती है और वजन पर भी इसका असर देखा जा सकता है। गर्भावस्था में शराब पीने से बच्चे का मस्तिष्क कमजोर हो जाता है और वह कोई भी चीज जल्दी सीख नहीं पाता है। ऐसे बच्चों को ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है और वह अपेक्षाकृत अधिक चिड़चिड़े होते हैं। 

आयुर्वेद क्या सलाह देता है- आयुर्वेदिक विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाओं को सात्विक भोजन का सेवन ही करना चाहिए। इस दौरान आपके तन और मन दोनों का शुद्ध होना बहुत जरूरी है। ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जो आसानी से पांच जाए, ताजा हो और जिसमें सभी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद हों। नशीली पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए और भरपूर नींद लेनी चाहिए। 

स्वस्थ गर्भावस्था के लिए उपाय- गर्भवती महिलाओं को जब बहुत ज्यादा थकान या स्ट्रेस हो तब शराब की बजाए हर्बल टी, नारियल पानी, या ताजे फलो का सेवन करना चाहिए। उन्हें नियमित योग और ध्यान करना चाहिए, इससे चित्त शांत होता है और विचारों की शुद्धि होती है। नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट वॉक करें और अपने परिवार या दोस्तों से बात करें। इससे आपका तनाव कम होगा और बच्चे के विकास में भी मदद मिलेगी।

 

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